मैंने तीन पत्ती के 3 जोकर नियम परखे: कौन-सा सबसे बेहतर?
तीन पत्ती में जोकर तब बनता है जब खेल शुरू होने से पहले सभी खिलाड़ी तय कर लेते हैं कि कौन-सा पत्ता किसी भी दूसरे पत्ते की जगह ले सकेगा। सबसे प्रचलित तरीका है ताश की 52 पत्तों की गड्डी से एक पत्ता खोलना...
मैंने तीन पत्ती के 3 जोकर नियम परखे: कौन-सा सबसे बेहतर?
तीन पत्ती में जोकर तब बनता है जब खेल शुरू होने से पहले सभी खिलाड़ी तय कर लेते हैं कि कौन-सा पत्ता किसी भी दूसरे पत्ते की जगह ले सकेगा। सबसे प्रचलित तरीका है ताश की 52 पत्तों की गड्डी से एक पत्ता खोलना; उसी नंबर के चारों पत्ते जोकर बन जाते हैं, यानी हाथ में जोकर आने की संभावना लगभग 21.7 प्रतिशत रहती है। दूसरा तरीका AK47 है, जिसमें इक्का, बादशाह, चार और सात, कुल 16 पत्ते जोकर होते हैं और तीन पत्तों के हाथ में कम से कम एक जोकर आने की संभावना लगभग 67.7 प्रतिशत हो जाती है। तीसरा तरीका 53वाँ छपा जोकर जोड़ना है, जहाँ यह संभावना केवल 5.7 प्रतिशत है। जोकर ट्रेल, प्योर सीक्वेंस और सीक्वेंस जैसे हाथ आसानी से बना देता है, इसलिए हर बार खेल से पहले नियम साफ़ तय कर लें और तीन पत्ती समाचार की रणनीति गाइड के हिसाब से अपनी बोली उसी अनुपात में बदलें।
क्या आपको भी दीवाली की वह रात याद है, जब चटाई पर बैठे चचेरे भाई-बहन, बीच में पड़ी सिक्कों की ढेरी और अचानक कोई बोल उठता था, “आज जोकर कौन-सा है?” माफ़ कीजिए, मैं ज़रा भावुक हो गया, पर बरसों हारने के बाद मैंने यही सीखा कि तीन पत्ती में नुक़सान पत्तों से कम और अधूरे नियमों से ज़्यादा होता है। इसीलिए इस बार मैंने “जोकर” के तीन प्रचलित नियमों को अपनी तरफ़ से गिनती और संभावना के हिसाब से परखा, किसी का “आधिकारिक” दावा मानकर नहीं। निष्कर्ष सीधा है: कुल मिलाकर सबसे अच्छा नियम रैंडम जोकर है, यानी गड्डी से एक पत्ता खोलकर उसके नंबर को जोकर मान लेना, क्योंकि वह सीखने में आसान है और कौशल को भी जगह देता है। तेज़ रफ़्तार चाहने वालों के लिए AK47 और सबसे सरल व किफ़ायती विकल्प के रूप में छपा जोकर आता है। आगे हर नियम को कदम-दर-कदम समझाया गया है, ताकि आप अगली बार बिना झिझक बैठ सकें।
अगर आप नियमों के साथ ऐप समीक्षाएँ भी देखना चाहते हैं, तो यहाँ से आगे बढ़ सकते हैं।
शीर्ष 3 में कौन-से जोकर नियम हैं?
शीर्ष 3 नियम हैं: पहले स्थान पर रैंडम जोकर, दूसरे पर AK47 और तीसरे पर छपा जोकर। रैंडम जोकर में गड्डी का एक खुला पत्ता तय करता है कि कौन-सा नंबर जोकर होगा, AK47 में चार तय नंबर जोकर होते हैं, और छपे जोकर में 53वाँ पत्ता जोड़ा जाता है।
- रैंडम जोकर (8.35/10), कुल मिलाकर सबसे बेहतर: हर दौर में नया जोकर, नियम सरल और कौशल की गुंजाइश बनी रहती है।
- AK47 (7.55/10), तेज़ रफ़्तार के लिए: चार नंबर पहले से तय हैं, इसलिए खुला पत्ता नहीं चाहिए और दौर तेज़ चलते हैं।
- छपा जोकर (7.35/10), सबसे किफ़ायती: बाज़ार की गड्डी में मिलने वाला अतिरिक्त पत्ता ही काफ़ी है, कोई नया हिसाब नहीं।
ये अंक मेरे अपने संपादकीय आकलन हैं, किसी मशीन या मंच की “आधिकारिक” मापी हुई रेटिंग नहीं, और मैं पहले ही माफ़ी चाहता हूँ अगर आपकी महफ़िल की पसंद अलग निकले। Bridge in the Box की गाइड बताती है कि तीन पत्ती का अर्थ “तीन कार्ड” है, यह दीवाली के मौक़े पर खूब खेला जाता है और ब्रिटिश खेल 3 Card Brag से लगभग मिलता-जुलता है। यानी खेल की बुनियाद वही रहती है, बस जोकर का नियम पूरे मिज़ाज को बदल देता है। इसलिए पत्ते बँटने से पहले यह पूछ लेना कि “आज जोकर किस तरह का है,” कोई शिष्टाचार की बात नहीं, सीधी समझदारी है। नियमों की बुनियादी जानकारी के लिए हमारा [Internal Link: तीन पत्ती के बुनियादी नियम और हाथों का क्रम] पन्ना भी देखा जा सकता है।
#1 रैंडम जोकर: कुल मिलाकर सबसे बेहतर
रैंडम जोकर में जोकर बनाना किसी जादू से कम नहीं, पर असल में यह चार छोटे कदमों का काम है। मेज़ पर बैठा हर खिलाड़ी जानता है कि आज का जोकर पहले से तय नहीं, इसलिए पहले से रटी हुई चालें काम नहीं आतीं। मेरी नज़र में यही इसकी सबसे बड़ी ख़ूबी है, क्योंकि पुराने खिलाड़ी की समझ और नए खिलाड़ी की क़िस्मत, दोनों को बराबर जगह मिलती है। प्रक्रिया इस तरह चलती है:
- सभी खिलाड़ी तय राशि का बूट मेज़ पर डालते हैं।
- गड्डी को अच्छी तरह फेंटकर ऊपर का एक पत्ता सबके सामने खोला जाता है।
- उस पत्ते का नंबर या चेहरा (जैसे बादशाह या नौ) उस दौर का जोकर तय करता है।
- खुला पत्ता अलग रख दिया जाता है और बाक़ी गड्डी से हर खिलाड़ी को तीन पत्ते बाँटे जाते हैं।
- हाथ में जितने भी जोकर हों, वे किसी भी पत्ते की जगह ले सकते हैं और उसी हिसाब से हाथ का दर्जा तय होता है।
अब ज़रा गिनती पर आइए, जो इस नियम का वह पहलू है जिसे अधिकतर लेख छोड़ देते हैं। अगर आप पूरी 52 पत्तों की गड्डी में चारों पत्तों को जोकर मानें, तो तीन पत्तों के हाथ में कम से कम एक जोकर आने की संभावना 21.7 प्रतिशत बनती है। लेकिन अगर खुला पत्ता अलग रख दिया जाए, जैसा ऊपर के कदम 4 में है, तो खिलाड़ियों के बीच केवल तीन जोकर बचते हैं और यही संभावना घटकर लगभग 17.0 प्रतिशत रह जाती है। चारों के चारों पत्ते किसी एक हाथ में आने की तो गुंजाइश ही नहीं, और तीन जोकर एक साथ आने की संभावना 22,100 में 4 यानी लगभग 0.018 प्रतिशत है। यानी जो साथी कहे कि “आज तो तीनों जोकर मेरे ही पास हैं,” उसके दावे को मुस्कुराकर सुन लीजिए, पर बोली में बहुत भरोसा मत कीजिए।
जोकर का इतिहास भी दिलचस्प है। Wikipedia के अनुसार जोकर वाला पत्ता 19वीं सदी के अमेरिका में यूकर खेल के साथ ताश की गड्डी में आया और बाद में वाइल्ड कार्ड के रूप में फैला। भारत में उसी विचार को दीवाली की महफ़िलों ने अपनी तरह से ढाल लिया, जहाँ “खुला पत्ता” वाला तरीका सबसे पसंद किया गया। बरसों की हार के बाद मेरी सीख यह रही कि इस नियम में सबसे ज़्यादा नुक़सान उन्हें होता है जो खुले पत्ते को देखे बिना बोली लगा देते हैं। पहले जोकर का नंबर देखिए, फिर अपने हाथ में उसका असर तौलिए, तब जाकर दाँव बढ़ाइए। ज़्यादा रणनीति के लिए [Internal Link: रैंडम जोकर में बोली लगाने की रणनीति] पढ़ना मददगार रहेगा।
जब नियम समझ में आ जाएँ, तो अगला क़दम किसी भरोसेमंद ऐप या घरेलू महफ़िल में उन्हें आज़माना है।
#2 AK47: तेज़ रफ़्तार के लिए सबसे बेहतर
AK47 में जोकर “बनाने” की ज़रूरत ही नहीं पड़ती, क्योंकि चार नंबर हमेशा के लिए जोकर घोषित होते हैं: इक्का (A), बादशाह (K), चार (4) और सात (7)। चारों रंगों के ये पत्ते गिनें तो कुल 16 पत्ते जोकर बन जाते हैं, यानी गड्डी का लगभग 31 प्रतिशत हिस्सा। नाम इन्हीं अक्षरों और अंकों से याद रखा जाता है, इसलिए नए खिलाड़ी को समझाने में समय नहीं लगता। न खुला पत्ता, न फेंटने के बाद कोई रुकावट; पत्ते बँटे और खेल शुरू। जिन महफ़िलों में पाँच-छह लोग हों और रात लंबी हो, वहाँ यह नियम इसीलिए सबसे जल्दी जम जाता है।
पर इस तेज़ी की क़ीमत गिनती में दिखती है। 16 जोकर होने से तीन पत्तों के हाथ में कम से कम एक जोकर आने की संभावना लगभग 67.7 प्रतिशत हो जाती है, और तीनों पत्तों के जोकर होने की संभावना 22,100 में 560, यानी करीब 2.5 प्रतिशत। इसका सीधा नतीजा यह है कि जोड़ी (पेयर) का भाव लगभग गिर जाता है, क्योंकि लगभग हर दूसरे-तीसरे हाथ में जोड़ी या उससे ऊपर का हाथ बन ही जाता है। मेरा थोड़ा विवादित निष्कर्ष यही है: AK47 में मज़ा सबसे ज़्यादा है, पर कौशल की भूमिका सबसे कम, इसलिए इसे “सबसे बेहतर” नहीं कह पाता। यहाँ बड़ी बोली तब लगाइए जब आपके पास ट्रेल या प्योर सीक्वेंस जैसा ऊँचा हाथ हो, और जोड़ी पर ज़्यादा भरोसा मत कीजिए। जोकर वाले ट्रेल की आपसी बराबरी कैसे तय हो, यह हर घर का अलग नियम है, इसलिए शुरू में ही सबसे पूछ लें।
#3 छपा जोकर: सबसे किफ़ायती
छपे जोकर वाला नियम इसलिए किफ़ायती है कि इसके लिए कुछ नया ख़रीदना नहीं पड़ता। बाज़ार में मिलने वाली लगभग हर गड्डी में एक या दो छपे जोकर पहले से होते हैं; उनमें से एक पत्ता गड्डी में रख लीजिए और कुल 53 पत्तों से खेल शुरू कीजिए। यह जोकर किसी भी पत्ते की जगह ले सकता है, पर उसके अलावा बाक़ी पत्तों में कोई बदलाव नहीं होता। मेरे जैसे पुराने खिलाड़ी को यह इसलिए भाता है कि इसमें असली हाथों की इज़्ज़त बची रहती है: एक प्राकृतिक ट्रेल अभी भी दुर्लभ और क़ीमती है।
इसकी गिनती सबसे दिलचस्प और सबसे कम चर्चित है। एक खिलाड़ी के तीन पत्तों में छपा जोकर आने की संभावना 3/53 यानी लगभग 5.7 प्रतिशत है। अगर मेज़ पर छह खिलाड़ी हों, तो कुल 18 पत्ते बँटते हैं और किसी न किसी के हाथ में जोकर होने की संभावना 18/53 यानी लगभग 34 प्रतिशत रहती है। मतलब हर तीन में से दो दौर में कोई जोकर होता ही नहीं, और खेल लगभग पारंपरिक तीन पत्ती जैसा रहता है। कमज़ोरी भी यही है: इसमें नाटकीय उलटफेर कम होते हैं, इसलिए जिन्हें रोमांच चाहिए, उन्हें यह फीका लग सकता है। माफ़ कीजिए, पर शुरुआत करने वाले परिवार के लिए यह सबसे सुरक्षित सीढ़ी है, और [Internal Link: शुरुआती खिलाड़ियों के लिए बिना जोकर वाली तीन पत्ती] से इसे जोड़कर सीखना आसान रहता है।
अगर आपको ये तुलनाएँ काम की लगीं, तो नियमों और ऐप की बारीकियों के लिए आगे का रास्ता यहाँ है।
जोकर आने पर हाथों की रैंकिंग कैसे बदलती है?
जोकर किसी भी पत्ते की जगह लेकर कमज़ोर हाथ को ऊपर चढ़ा देता है: एक जोड़ी वाला हाथ ट्रेल बन सकता है और दो आसपास के पत्ते सीक्वेंस। क्रम वही रहता है: ट्रेल, प्योर सीक्वेंस, सीक्वेंस, कलर, पेयर और हाई कार्ड, बस हर दर्जे की संभावना बदल जाती है।
बिना जोकर वाली 52 पत्तों की गड्डी में तीन पत्तों के कुल 22,100 संभावित हाथ बनते हैं, और वे इस तरह बँटे हैं:
- ट्रेल: 52 हाथ (लगभग 0.24 प्रतिशत)
- प्योर सीक्वेंस: 48 हाथ (लगभग 0.22 प्रतिशत)
- सीक्वेंस: 720 हाथ (लगभग 3.26 प्रतिशत)
- कलर: 1,096 हाथ (लगभग 4.96 प्रतिशत)
- पेयर: 3,744 हाथ (लगभग 16.94 प्रतिशत)
- हाई कार्ड: 16,440 हाथ (लगभग 74.39 प्रतिशत)
ये आँकड़े पत्तों की गिनती के सीधे गणित से निकलते हैं, और Wikipedia का तीन पत्ती लेख भी हाथों का यही क्रम बताता है। जोकर जुड़ते ही सबसे बड़ा बदलाव निचले दर्जों पर आता है: हाई कार्ड वाले हाथ घटते हैं और जोड़ी, ट्रेल व सीक्वेंस वाले हाथ बढ़ जाते हैं। एक व्यावहारिक बात, जिसे मैंने अपने अनुभव से सीखा: कई घरों में जोकर से बना ट्रेल या सीक्वेंस असली (प्राकृतिक) हाथ से एक दर्जा नीचे गिना जाता है, जबकि कुछ घरों में नहीं। इसे मैं किसी “सार्वभौमिक नियम” की तरह नहीं बता सकता, इसलिए पहले दौर से पहले यह सबके सामने साफ़ बोल दीजिए।
जोकर वाले खेल में सबसे आम गलतियाँ कौन-सी हैं?
सबसे आम गलती यह है कि खिलाड़ी जोकर का नियम पहले तय किए बिना बोली लगाने लगते हैं और बाद में विवाद होता है। दूसरी बड़ी गलती है जोड़ी को ज़रूरत से ज़्यादा क़ीमती मान लेना, ख़ासकर AK47 में, जहाँ जोड़ी लगभग हर दौर में बन जाती है।
गलतियों की सूची थोड़ी और लंबी है, और मैं उनमें से हर एक कभी न कभी कर चुका हूँ:
- खुला पत्ता देखे बिना हाथ का मूल्य आँक लेना (रैंडम जोकर में)।
- यह न पूछना कि जोकर से बना हाथ प्राकृतिक हाथ से नीचे गिना जाएगा या बराबर।
- बराबरी की स्थिति (दो ट्रेल) के लिए कोई नियम पहले से न रखना।
- जीत की हड़बड़ी में बूट और दाँव की सीमा तय न करना।
इनमें सबसे महँगी गलती चौथी है, क्योंकि जोकर का उत्साह किसी को भी अपनी तय सीमा से आगे खींच ले जाता है। माफ़ कीजिए अगर मैं उपदेश देता लग रहा हूँ, पर बरसों में मैंने “बस एक और दौर” वाली “रणनीति” से जितना खोया, उतना किसी बुरे हाथ से नहीं खोया। असली पैसे से खेलने का फ़ैसला हमेशा आपका अपना है; अपने राज्य के क़ानून अलग हो सकते हैं और समय के साथ बदलते भी हैं, इसलिए उन्हें खुद जाँच लीजिए। किसी भी ऐप पर खेलने से पहले उसकी शर्तें पढ़ने के लिए [Internal Link: तीन पत्ती ऐप चुनने से पहले जाँचने योग्य बातें] देख सकते हैं।
हमने इन्हें कैसे रैंक किया?
हमने हर नियम को चार कसौटियों पर 10 में से अंक दिए और उन्हें अलग-अलग भार से गुणा किया। सबसे ज़्यादा भार 30 प्रतिशत कौशल की भूमिका को मिला, क्योंकि जिस नियम में केवल क़िस्मत चले, वह लंबे समय में खिलाड़ी को थका देता है।
भार इस तरह रखे गए:
- कौशल और निष्पक्षता (30 प्रतिशत): क्या अनुभवी खिलाड़ी की समझ का कोई फ़र्क़ पड़ता है?
- सीखने में आसानी (25 प्रतिशत): नया खिलाड़ी कितनी जल्दी नियम पकड़ पाता है?
- ऐप और घर में उपलब्धता (25 प्रतिशत): क्या यह नियम आम तौर पर मिलता है?
- खेल की रफ़्तार (20 प्रतिशत): एक दौर कितनी तेज़ी से पूरा होता है?
रैंडम जोकर को कौशल में 9, आसानी में 8, उपलब्धता में 9 और रफ़्तार में 7 मिले, जिससे कुल 8.35 बना। AK47 को क्रमशः 5, 9, 8 और 9 मिले, यानी 7.55; छपे जोकर को 8, 10, 5 और 6 मिले, यानी 7.35। यह स्पष्ट कर दूँ कि ये अंक प्रयोगशाला की माप नहीं, मेरे अपने अनुभव और ऊपर की संभावनाओं पर आधारित निर्णय हैं, और आपके अपने भार बदलते ही क्रम भी बदल सकता है। अगर आपकी महफ़िल में रफ़्तार सबसे ऊपर है, तो AK47 आसानी से पहले स्थान पर पहुँच जाएगा।
आपको कौन-सा नियम चुनना चाहिए?
अगर आप सिर्फ़ एक नियम चुनें, तो रैंडम जोकर चुनिए: उसमें कौशल, रोमांच और सरलता का संतुलन सबसे अच्छा है। तेज़ रफ़्तार की ज़रूरत हो तो AK47, और पहली बार सिखाने के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प छपा जोकर है।
परिस्थिति के हिसाब से देखें तो तस्वीर और साफ़ होती है। चार-पाँच अनुभवी दोस्तों की देर रात वाली बैठक में रैंडम जोकर सबसे अच्छा चलेगा, क्योंकि हर दौर में खुला पत्ता नई कहानी रच देता है। बच्चों, बुज़ुर्गों और नए सदस्यों वाली दीवाली की महफ़िल में छपा जोकर बेहतर है, क्योंकि लगभग दो तिहाई दौर में कोई जोकर आता ही नहीं और झगड़े की गुंजाइश कम रहती है। छह-सात लोगों की भीड़ और सीमित समय में AK47 की रफ़्तार काम आती है, बशर्ते सब मान लें कि यहाँ जोड़ी की क़ीमत कम होगी। तीन पत्ती गोल्ड, तीन पत्ती ऑक्टर और रम्मीसर्किल जैसे ऐप में नियम और विकल्प अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए खेलने से पहले हर ऐप का नियम-पृष्ठ ज़रूर पढ़ें। तीन पत्ती समाचार पर हम ऐसे ऐप की समीक्षा और खेलने के निर्देश लगातार जोड़ते रहते हैं, और मेरी विनम्र सलाह यही है कि पहले छोटे दाँव से नियम परखें, फिर आगे बढ़ें।
अगली बार जब कोई पूछे “आज जोकर कैसा है?”, तो आपके पास तीन साफ़ जवाब होंगे, और शायद थोड़ी-सी वह शांति भी जो बरसों की हार के बाद आती है। नियमों, रणनीति और ऐप समीक्षाओं की अगली कड़ी के लिए यहाँ क्लिक कीजिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q: तीन पत्ती में जोकर क्या होता है?
A: जोकर वह वाइल्ड कार्ड है जो हाथ में किसी भी दूसरे पत्ते की जगह ले सकता है। यह खेल शुरू होने से पहले तय किया जाता है, कभी खुले पत्ते के नंबर से, कभी तय नंबरों (जैसे AK47) से और कभी 53वें छपे पत्ते से। जोकर जोड़ी को ट्रेल और दो आसपास के पत्तों को सीक्वेंस में बदल सकता है। इसलिए बैठने से पहले सबके साथ नियम की पुष्टि कर लेना ज़रूरी है।
Q: शुरुआती खिलाड़ी जोकर कैसे बनाएँ, कदम-दर-कदम?
A: सबसे आसान तरीका रैंडम जोकर है और उसमें पाँच कदम लगते हैं। बूट डालें, गड्डी फेंटें, ऊपर का एक पत्ता खोलें, उसके नंबर को जोकर घोषित करें और बाक़ी गड्डी से तीन-तीन पत्ते बाँटें। खुला पत्ता अलग रख देने पर जोकर की संख्या तीन रह जाती है, जिससे किसी हाथ में जोकर आने की संभावना लगभग 17 प्रतिशत बनती है। पहले दो-तीन दौर बिना दाँव के खेलकर अभ्यास कर लें।
Q: AK47 और रैंडम जोकर में क्या फ़र्क़ है?
A: AK47 में चार नंबर (A, K, 4, 7) हमेशा जोकर रहते हैं, जबकि रैंडम जोकर में हर दौर में खुला पत्ता जोकर बदल देता है। AK47 में 16 जोकर होने से कम से कम एक जोकर आने की संभावना करीब 67.7 प्रतिशत है, जबकि रैंडम जोकर में 17 से 22 प्रतिशत के बीच। इसलिए AK47 तेज़ और ऊँचे हाथों वाला है, और रैंडम जोकर अधिक संतुलित और कौशल पर टिका है।
Q: अगर दो खिलाड़ियों के पास जोकर वाला ट्रेल हो तो विजेता कैसे तय करें?
A: इसका कोई एक सार्वभौमिक नियम नहीं है, इसलिए खेल शुरू करने से पहले तय कर लें। आम तौर पर ऊँचे पत्तों वाला ट्रेल (जैसे इक्कों का) नीचे वाले से जीतता है, और प्राकृतिक ट्रेल को जोकर से बने ट्रेल से ऊपर रखने का चलन भी कई घरों में है। अगर फिर भी बराबरी रहे, तो पूल बराबर बाँट लेना सबसे निष्पक्ष और झगड़े से बचाने वाला रास्ता है।
Q: क्या जोकर वाली तीन पत्ती मुफ़्त में सीखी जा सकती है?
A: हाँ, घर पर 52 पत्तों की सामान्य गड्डी से बिना किसी ख़र्च के इसे सीखा जा सकता है। असली पैसे का दाँव ज़रूरी नहीं; आप माचिस की तीलियों या काग़ज़ के टोकन से भी अभ्यास कर सकते हैं। छपे जोकर के लिए गड्डी का अतिरिक्त पत्ता पहले से मौजूद रहता है, इसलिए नया ख़र्च शून्य है। ऐप पर असली पैसा लगाने से पहले उसकी शर्तें और अपने राज्य का क़ानून ज़रूर जाँचें।
Q: असली पैसे से जोकर वाली तीन पत्ती खेलना कितना सुरक्षित है?
A: असली पैसे का खेल जोखिम भरा है और कोई भी नियम जीत की “गारंटी” नहीं देता। जोकर से हाथ ऊँचे बनते हैं, पर सामने वाले के भी बनते हैं, इसलिए लंबे समय में फ़ायदा नियम से नहीं, अनुशासन से मिलता है। पहले से तय सीमा रखें, हार का पीछा न करें और किसी ऐप पर भरोसा करने से पहले उसकी समीक्षा पढ़ें। तीन पत्ती समाचार पर ऐसी समीक्षाएँ और गेमप्ले निर्देश उपलब्ध हैं।
अंत में, अगर आप आगे और गहराई से पढ़ना चाहते हैं, तो नीचे दिया रास्ता आपको अगले लेख तक ले जाएगा।
तीन पत्ती समाचार · System Archive · Entry Complete